क्या वीर्यपान करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं?

क्या वीर्यपान करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं?

Health care

आप आप जानते हैं कि वीर्य प्रजनन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का एक मात्र विकल्‍प होता है। इसलिए यह मानव समाज के लिए बहुत ही आवश्यक होता है। लेकिन क्या वीर्यपान करना आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी फायदेमंद होता है। इसमें कुछ विरोधाभास भी है लेकिन इसमें उपस्थिति हार्मोन और पोषक तत्‍वों के कारण यह मानव स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद माना जाता है। आइए जानते हैं वीर्य के फायदे क्‍या हैं।

जानकारों का कहना है कि जब महिलाओं को कामोत्तेजना (orgasm) होती है तो लव हार्मोन ऑक्‍सीटॉसिन का स्राव करते है जिससे महिलाओं के मूड को ऊपर उठाने में मदद मिलती है। कुछ सेक्‍सोलॉजिस्‍ट कहते हैं कि पुरुषों के लिए तृप्ति अवसाद को कम कर सकती है क्‍योंकि जिस समय व्‍यक्ति स्‍खलित होता है उसे जबरदस्‍त खुशी मिलती है जो सभी चिंताओं और समस्‍याओं से छुटाकारा दिलाने में मदद करती है। ओरल सेक्स के दौरान वीर्य दोनों के लिए फायदेमंद होता है।

जानिए वीर्यपान के फायदे

वीर्यपान नींद लिए फायदेमंद-

अध्‍ययनों से पता चलता है कि जब कोई महिला वीर्यपान करती है या सेक्‍स के दौरान वीर्य उनकी योनि से होता हुआ रक्‍त प्रवाह में मिलता है तो इससे बेहतर नींद प्राप्‍त करने में मदद मिलती है क्‍योंकि इसमें रासायनिक मेलाटोनिन (chemical melatonin) होता है। शरीर में मेलाटोनिन की उपस्थिति के कारण यह व्‍यक्ति को आराम दिलाने और अच्‍छी नींद लाने में मदद करता हैं। कुछ जानकारों का कहना है कि वीर्य निगलने से अच्‍छी नींद प्राप्‍त नहीं होती है बल्कि संभोग के दौरान सिर्फ संतुष्टि ही प्राप्‍त होती है और कुछ नहीं। लेकिन जब संभोग संतुष्टि प्राप्‍त होती है तो इस दौरान शरीर में ऑक्‍सीटॉसिन हार्मोन उत्‍पन्‍न होता है जिससे शरीर में दर्द उत्‍तेजना कम होती है और शरीर को आराम मिलता है। इस कारण आपको अच्‍छी नींद प्राप्‍त होती है।

वीर्यपान मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद-

वीर्यपान मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद-

महिलाएं वीर्यपान करती हैं उनमें अन्‍य महिलाओं की अपेक्षा तनाव और अवसाद की कमी देखी गई है। क्‍योंकि वीर्य में शक्तिशाली एंटीड्रिप्रेसेंट और संज्ञानात्‍मक क्षमता को बढ़ाने वाले प्रभाव होते हैं। इसके अलावा वीर्य में ऑक्‍सीटोसिन (oxytocin), प्रोजेस्‍टेरोन, एंडोर्फिन (endorphins), प्रोलैक्टिन, टीआरएच और सेरोटोनिन (serotonin) जैसे मूड बढ़ाने वाले घटक मौजूद रहते हैं। जो महिलाएं वीर्यपान करती हैं उनका मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा होता है। जो यह दर्शाता है कि वीर्य के फायदे महिलाओं के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा है।

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वीर्य बालों के लिए फायदेमंद-

वीर्य बालों के लिए फायदेमंद-

आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि वीर्य का उपयोग आपके बालों को झड़ने से बचा सकता है। अगर अब तक आपको इसकी जानकारी नहीं थी तो जान लें। बालों के विकास के लिए वीर्य पर परिक्षण किये गए जिसमें पाया गया कि स्‍पर्मिडाइन बालों की लंबाई को प्रोत्‍साहित करने और बालों के विकास को बढ़ाने में मदद करता है। स्‍पर्मिडाइन स्‍टेम कोशिकाओं को भी बढ़ाता है जो आपके बालों के विकास में मदद करते हैं।

आप इसे सचमुच उपयोग कर सकते हैं। विदेशों में सेलिब्रिटी क्‍लाइंट को चमकदार और सुंदर बालों के लिए सैलूनों में कई तरह के वीर्य का उपयोग किया जाता है।

वीर्य चेहरे के लिए फायदेमंद-

वीर्य चेहरे के लिए फायदेमंद-

जानकारों के अनुसार चेहरे पर वीर्य लगाने से यह किसी एंटी-एजिंग (Anti-aging) उत्‍पाद की तरह काम करता है। परिक्षण के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि वीर्य में एंटीऑक्‍सीडेंट गुण मौजूद रहते हैं जो त्‍वचा की झुर्री और त्‍वचा के लचीनेपन जैसे विकारों को दूर करने में मदद करता है। चेहरे के लिए स्‍पर्म फायदेमंद होता है इसलिए इसे आजकल प्रयोगशालाओं में संश्‍लेषित (Synthesized) किया जाता है और अंतरराष्‍ट्रीय कंपनियों द्वारा बेचा जा रहा है।

वीर्यपान सेक्‍स ड्राइव को बढ़ाता हैं-

वीर्यपान सेक्‍स ड्राइव को बढ़ाता हैं-

वीर्य का सेवन करने से यह आपकी सेक्‍स ड्राइव को बढ़ा सकता है। क्‍योंकि वीर्य में टेस्‍टोस्‍टेरोन होता है। टेस्‍टोस्‍टेरोन पुरुषों और महिलाओं दोनों में कामेच्‍छा बढ़ाता है। यौन संबंध बनाने के दौरान महिला की योनि दीवारों के माध्‍यम से और यहां तक की वीर्य निगलने के माध्‍यम से टेस्‍टोस्‍टेरान (Testosterone) को अवशोषित किया जा सकता है। जो कि सेक्‍स ड्राइव को बढ़ाने में मदद करता है। इसके परिणाम अलग-अलग लोगों में भिन्न हो सकते हैं।

वीर्य में एंटी-इंफैमेटोरेटरीज और इम्‍यूनोस्‍पेप्रेसेंट्स गुण होते हैं जो महिला के शरीर में प्रवेश करने पर किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाते हैं। वीर्य का सेवन करने से तंत्रिका विकास फैक्‍टर, ऑक्‍सीटोसिन, प्रोजेस्‍टेरोन, टेस्‍टोस्‍टेरोन, कोर्टिसोल और कुछ प्रोस्‍टाग्‍लैंडिन (prostaglandins) जैसे इंफ्लेमेटरी गुण प्राप्‍त होते हैं। वीर्य आपके शरीर में मौजूद टीजीएफ-बीटा प्रोटीन की सहनशीलता को बढ़ाने में मदद करता है।

कुछ लोगों का मानना है कि चिंता का प्रमुख कारण ऑक्‍सीडेएटिव तनाव होता है जो कि ब्रेन फॉग (brain fog) और थकान आदि का कारण बनता है। लेकिन ऑक्‍सीडेटिव तनाव को कम करने के लिए वीर्य में बहुत से एंटीऑक्सिडेंट (Antioxidant) मौजूद होते हैं जो आसानी से चिंता और तनाव को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

क्या वीर्यपान किया जा सकता हैं?

क्या वीर्यपान किया जा सकता हैं?

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है की क्या वीर्य को निगला जा सकता है? या वीर्यपान किया जा सकता है तो इसका जवाब है जी हां। क्योकि यह प्रोटीन और विटामिन से भरपूर होता है। यह आप पर निर्भर करता है की अब आप इसे पीने के लिए तैयार हैं या नहीं इसका निर्णय आपको या आपकी साथी को खुद लेना है।

लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपका स्पर्म स्वादिष्ट हो जाए तो यह भी संभव है। क्योकि वीर्य का मीठा या खट्टा होना इस बात पर निर्भर करता है की आपने आज क्या खाया है ।

आपको बता दें की वीर्य पीने से लड़की प्रेग्नेंट नहीं होती लेकिन अगर वीर्य योनि में छोड़ा गया हो तो लड़की प्रेग्नेंट हो सकती है योनी में वीर्य छोड़ने से ही प्रेगनेंसी कि संभावना होती है ओरल सेक्स करते समय वीर्य पीने से गर्भधारण के चांस नहीं हो सकते हैं।

क्या महिलाएं वीर्यपान से गर्भवती होती हैं?

क्या महिलाएं वीर्यपान से गर्भवती होती हैं?

वीर्यपान के पश्चात वीर्य जटर में अन्य खाद्यपदार्थों के भांती पच जाता है. वीर्य में अनेक प्रकार के हॉर्मोन्स, मिनेरल्स और विटामिन्स होतें हैं जो उस वीर्यपान किये हुए महिला को प्राप्त होतें हैं, जो उसके स्वास्थ्य के लिये लाभकारी ही सिद्ध होतें हैं.

वीर्यपान करने से महिला गर्भवती नहीं होती है. क्योंकि गले का मार्ग गर्भाशय से नहीं जुडता है.इसलिये मुखमैथुन और वीर्यपान भी एक अच्छा परिवारनियोजन या गर्भनिरोधक उपाय है.

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वीर्यपान  के नुकसान –

जब वीर्य सेवन की बात आती है तो विशेष सावधानी रखने की आवश्‍यकता होती है। क्‍योंकि वीर्य में वायरस हो सकते हैं जिसका सेवन करने पर यह वीर्य सेवन करने वाले को प्रभावित कर सकता हैं। सेक्‍सोलॉजिस्‍ट बताते हैं कि मुंह की समस्‍याओं जैसे कि मसूड़ों की सूजन और उनसे खून आने की स्थिति में मौखिक सेक्‍स करने पर एसआइटी संक्रमण जैसे हेपेटाइटिस बी और सी (Hepatitis B and C), हर्पीस और क्‍लैमिडिया (Chlamydia) हो सकता है।

अगर वह पुरुष जिसका वीर्य पिया जा रहा है किसी लैंगिक बिमारी से ग्रसित है तो उसका वीर्यपान करना महिला के लिये हानिकारक होता है. और अगर वह पुरुष स्वस्थ है तो उसका वीर्य पीनेसे कोई धिक्कत नही होता.

वीर्य का सेवन करने पर किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है लेकिन कुछ लोगों का मानना है की इससे किसी प्रकार का फायदा भी नहीं होता है।वीर्य को यदि पुरुषों के द्वारा बाहर नहीं निकाला जाता है या रोका जाता है तो इसके भी किसी प्रकार के फायदे नहीं होते हैं क्‍योंकि वीर्य की अपनी निश्चित उम्र होती है और वह स्‍वयं ही निष्क्रिय हो जाता है।

नैदानिक पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि वीर्य में मल्‍टीविटामिन और एंटी अवसाद गुण होते हैं जो कि आपके लिए फायदेमंद होते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से वीर्यपान कोई गलत कार्य नही है. साइकोलोगी के पिता (the father of psychology) सिग्मंड फ़्रॉइड ने कहा है कि “मुखमैथुन सस्तन प्राणियों का सब से अच्छा व्यवहार है (Oral Sex is one of the Best mammalian Behaviours)”.

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